मोदी ने कहा- महिलाओं के आशीर्वाद से मैं दुनिया में सबसे ज्यादा धनवान

PM मोदी गुजरात दौरे पर हैं। इस दौरान नवसारी में उन्होंने लखपति दीदियों से बात की है। इसके बाद PM मोदी ने वानसी-बोरसी में लखपति दीदी कार्यक्रम में 1.1 लाख से अधिक महिलाओं को संबोधित किया।

 मोदी ने कहा- महिलाओं के आशीर्वाद से मैं दुनिया में सबसे ज्यादा धनवान

गुजरात दौरे पर पहुंचे पीएम मोदी ने नवसारी में महिला दिवस के मौके पर लखपति दीदियों से बात की और फिर एक बड़ा रोड शो किया। इसके बाद पीएम मोदी ने नवसारी के वानसी-बोरसी में लखपति दीदी कार्यक्रम में 1.1 लाख से अधिक महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार हर महिला को सशक्त करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा, 'मेरे जीवन के खाते में करोड़ों माताओं, बहनों, बेटियों का आशीर्वाद है और यह लगातार बढ़ रहा है और इसलिए मैं कहता हूं कि मैं दुनिया का सबसे धनवान व्यक्ति हूं'महिलाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'महाकुंभ में मुझे माता गंगा का आशीर्वाद मिला और आज मातृशक्ति के इस महाकुंभ में मुझे आप सभी माताओं-बहनों का आशीर्वाद मिला। आज महिला दिवस पर मेरी मातृभूमि गुजरात में और इस विशेष दिन पर इतनी बड़ी संख्या में आप सभी माताओं, बहनों, बेटियों की उपस्थिति में, आपके प्यार, स्नेह और आशीर्वाद के लिए मैं मातृशक्ति को सिर झुकाकर नमन करता हूं। आज हम सभी के लिए महिलाओं से प्रेरणा लेने, उनसे सीखने का दिन है। मैं आप सभी का अभिनंदन करता हूं और धन्यवाद करता हूं।'इससे पहले पीएम मोदी ने ‘लखपति दीदी’ योजना के लाभार्थियों से बातचीत की। वानसी बोरसी गांव में ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में शामिल हुए मोदी ने 25,000 से अधिक स्वयं-सहायता समूहों (एसएचजी) की 2.5 लाख से अधिक महिलाओं को 450 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भी वितरित की। ‘लखपति दीदी’ योजना केंद्र सरकार द्वारा 2023 में शुरू की गई थी और इसमें स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्यों को उन ‘लखपति दीदी’ के रूप में मान्यता दी गई है जिनकी कृषि, पशुपालन और छोटे उद्योगों से कम से कम एक लाख रुपये की वार्षिक आय है।मोदी ने ‘लखपति दीदियों’ के एक समूह के साथ ‘प्रेरणा संवाद’ में भाग लिया, जिसमें महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और नवसारी के सांसद सी आर पाटिल भी मौजूद थे। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम में सुरक्षा के लिए केवल महिला पुलिस कर्मियों को ही तैनात किया गया था।