मोतिहारी। राजस्व परिषद के अध्यक्ष के के पाठक की अध्यक्षता में मंगलवार को डॉ राधाकृष्णन सभागार में नीलाम पत्रवाद की समीक्षा हुई। बैठक में राजस्व परिषद के सचिव गिरिवर दयाल सिंह, डीएम सौरव जोरवाल, अपर समाहर्ता मुकेश कुमार सिंहा सहित जिला स्तरीय सर्टिफिकेट अधिकारी व सभी संबंधित बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। श्री पाठक ने कहा कि जो लोग भी बैंक से लोन लिए हैं और डिफाल्टर हैं, उन्हें हर हाल में लोन चुकाना होगा। समीक्षा में पाया गया कि जिले में सर्टिफिकेट केश के लगभग 56 हजार मामले लंबित हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि सभी मामलों को जिला के 56 अधिकारियों के बीच में डिवाइड कर दिया गया है जो इसे देख रहे हैं। इस पर श्री पाठक ने कहा कि सर्टिफिकेट अधिकारियों की संख्या बढ़ाई जाए ताकि किसी एक पदाधिकारी पर बहुत ज्यादा जिम्मेदारी नहीं रहे और इसकी नियमित समीक्षा हो सके। उन्होंने कहा कि सभी बड़े बकायेदारों को चिन्हित करें। कितनी राशि उनके यहां लंबित है इसकी भी सूची जारी की जाए। उन्होंने कहा कि सभी के विरुद्ध नोटिस जारी करें व जरूरत के हिसाब से चिन्हित लोगों को बॉडी वारंट जारी करें। जारी किए गए बॉडी वारंट की सूची पुलिस अधीक्षक को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि उन गांवों को चिन्हित करें जहां बकायदाओं की संख्या ज्यादा है, वहां लाउडस्पीकर के माध्यम से प्रचार प्रसार कराया जाए ताकि उन लोगों का नाम बकायेदार के रूप में सामने आ सके। बैंक के सभी अधिकारियों से फीडबैक प्राप्त किया गया एवं उनकी प्रशासन से क्या अपेक्षा है इस पर विमर्श किया गया। श्री पाठक ने कहा कि नोटिस का तमिला बैंक के माध्यम से भी कराई जा सकती है। बैठक में बताया गया कि नीलम पत्रवाद के मामले में 28 हजार वारंट कोर्ट की ओर से जारी किए गए हैं। जिला में 2229 बॉडी वारंट भी निर्गत हैं। निर्गत वटी वारंट की थाना वार सूची पुलिस अधीक्षक के कार्यालय को भेजने का निर्देश दिया गया।