मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। मनियारी इलाके में चार साल पहले 12 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म में दोषी करार ममेरे भाई मो. नाजिम को विशेष पॉक्सो कोर्ट-2 में सोमवार को सजा सुनाई गई। विशेष न्यायाधीश प्रशांत कुमार झा ने उसे 15 वर्ष सश्रम कैद और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने पीड़ित किशोरी को पांच लाख रुपये मुआवजे देने का भी आदेश दिया है। आदेश की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकार को भेजी जाएगी। आरोपित मामले में 20 मई 2021 से ही जेल में बंद है। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक अजय कुमार ने साक्ष्य प्रस्तुत किया और उन्हें अधिवक्ता रंजू सिन्हा व आईडीएफ के सलाहकार कृष्ण मोहन झा ने सहयोग किया। अभियोजन की ओर से सात और बचाव पक्ष की ओर से छह लोगों की गवाही कराई गई। एफएसएल की जांच रिपोर्ट केस का अहम साक्ष्य बना है।विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि घटना 15 मई 2021 की है। पीड़िता काजी मोहम्मदपुर थाना इलाके की रहने वाली है। उसकी मां के बयान पर महिला थाने में 16 मई 2021 को केस दर्ज हुआ था। उसने पुलिस को बताया कि वह चूल्हा चौका करती है। 15 मई 2021 को वह काम पर गई थी। वापस आई तो बड़ी बेटी ने बताया कि आरोपित मो. नाजिम आया था और बोला कि नानी ने बुलाया है। वह पीड़िता को बाइक पर बैठाकर ले गया। शाम चार बजे भाभी का गांव से फोन आया कि नाजिम ने बेटी के साथ गलत काम किया है। जब मायके पहुंची तो देखा कि खून से लथपथ बेटी का घर पर ग्रामीण चिकित्सक इलाज कर रहे हैं। बेटी को शहर लाकर कई अस्पतालों में गई लेकिन डॉक्टरों ने इलाज से इनकार कर दिया। तब बेटी को वापस घर ले गई और अगले दिन 16 मई 2021 को सदर अस्पताल ले गई। जहां से उसे पुलिस केस के लिए थाने भेजा गया।