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कैमूर में सड़क हादसे के घायलों का होगा मुफ्त इलाज, डेढ़ लाख रुपये तक मिलेगी कैशलेस सुविधा

10 सरकारी और 6 निजी अस्पताल चिह्नित, दुर्घटना के बाद सात दिनों तक मिलेगा उपचार का लाभ

भभुआ। सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। कैमूर जिले में अब सड़क हादसे के पीड़ितों को इलाज के लिए आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत घायलों को अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए जिले में 16 अस्पतालों को चिह्नित किया गया है, जिनमें 10 सरकारी और छह निजी अस्पताल शामिल हैं।

जिला परिवहन पदाधिकारी ललित राही ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को बिना किसी अग्रिम भुगतान के तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। कई बार आर्थिक तंगी के कारण घायलों का समय पर इलाज शुरू नहीं हो पाता है। इस योजना से ऐसे लोगों को राहत मिलेगी और समय पर उपचार मिलने से उनकी जान बचाने में मदद मिल सकेगी।

सात दिनों तक डेढ़ लाख रुपये तक का उपचार

जिला परिवहन पदाधिकारी के अनुसार, वाहन से हुई सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को योजना के तहत सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में दुर्घटना की तारीख से सात दिनों की अवधि तक अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए घायल व्यक्ति या उसके परिजनों को उपचार शुरू कराने के लिए अग्रिम राशि जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद योजना के प्रावधानों के अनुसार उपचार का लाभ दिया जाएगा।

हादसे के बाद 112 नंबर पर दें सूचना

सड़क दुर्घटना होने पर सबसे पहले 112 नंबर पर सूचना देने और घायल व्यक्ति को नजदीकी सूचीबद्ध अस्पताल पहुंचाने की जरूरत है। अस्पताल में भर्ती होने के बाद तत्काल उपचार शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही टीएमएस 2.0 पोर्टल पर घायल व्यक्ति की ट्रीटमेंट आईडी बनाई जाएगी। दुर्घटना से संबंधित जानकारी पुलिस के ई-डीएआर सिस्टम को भी भेजी जाएगी, ताकि आगे की सत्यापन प्रक्रिया पूरी की जा सके।

पुलिस सत्यापन के बाद मिलेगा लाभ

योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पुलिस पदाधिकारी दुर्घटना में वाहन की संलिप्तता और पीड़ित की पहचान का सत्यापन करेंगे। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र घायल व्यक्ति को योजना के प्रावधानों के अनुसार उपचार की सुविधा मिलेगी।

जिला परिवहन विभाग की इस पहल से सड़क हादसों में घायल लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही, इलाज के लिए तत्काल पैसे की व्यवस्था नहीं कर पाने वाले परिवारों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।