Gallery Image


सीतामढ़ी। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में 31 अक्टूबर को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में भाग लेने के लिए सीतामढ़ी का 51 सदस्यीय दल बुधवार को रवाना हुआ। समाहरणालय परिसर में जिला कल्याण पदाधिकारी सुभाष चंद्र राजकुमार ने बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह दल राष्ट्रीय एकता, अखंडता और देशभक्ति का संदेश लेकर गुजरात पहुंचकर बिहार का प्रतिनिधित्व करेगा।

सरदार पटेल की जयंती पर होगा भव्य आयोजन

एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर राष्ट्रीय स्तर का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित करने सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होने की जानकारी दी गई है। इस आयोजन का उद्देश्य देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय भावना को मजबूत करना है।

मार्च-पास्ट और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे आकर्षण

राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के दौरान विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की ओर से संयुक्त मार्च-पास्ट प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न राज्यों से पहुंचे कलाकार और ग्रामीण अपनी लोक संस्कृति, परंपराओं और विकास से जुड़ी उपलब्धियों को प्रदर्शित करेंगे। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विविधता और एकता की भावना को सामने लाया जाएगा।

युवाओं और कलाकारों को मिला प्रतिनिधित्व

सीतामढ़ी से रवाना हुए 51 सदस्यीय दल में कलाकारों, युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। जिला कल्याण पदाधिकारी सुभाष चंद्र राजकुमार ने कहा कि यह दल राष्ट्रीय एकता, अखंडता और देशभक्ति का संदेश लेकर गुजरात जा रहा है। इस आयोजन में भागीदारी से प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी संस्कृति और परंपराओं को प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

इको-फ्रेंडली पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल

गुजरात के एकता नगर और केवड़िया क्षेत्र को पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए ई-बसों के परिचालन और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की पहल की जा रही है। इससे पर्यटकों को सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रदूषण कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

राष्ट्रीय एकता दिवस के इस आयोजन में सीतामढ़ी के दल की भागीदारी से जिले की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।